अंग्रेज़ी में यह अत्यंत छोटा नृत्य गीत है लेकिन गीतकार का नाम रिकार्ड पर नहीं दिया है.
अपेक्षाकृत छोटा गीत
अपेक्षाकृत छोटा गीत (57 सेकेंड )
अपेक्षाकृत छोटा गीत (ठुमरी/82 सेकेंड ) फ़िल्म में - संध्या मुखर्जी के स्वर में - शामिल किया गया था.
अपेक्षाकृत यह छोटा गीत (108 सेकेंड) फ़िल्म में सुनाई देता है.
अभिनेता आग़ा पर फ़िल्मांकित गीत जिसके साथ मलिका भी दिखाई देती हैं.
अभिनेता किशोर कुमारपर महेंद्र कपूर के स्वर में फ़िल्मांकित एक गीत
अभिनेता देव आनंद के लिए पार्श्वगायक महेंद्र कपूर का गाया यह इकलौता गीत है.
इस ग़ज़ल के अंत में ग़ज़लगो 'मजरूह' का नाम भी सुनाई देता है.
इस गीत का एक अंतरा फ़िल्म के अंत में माला सिन्हा की आवाज़ में भी फ़िल्माया गया था.
इस गीत का एक अतिरिक्त अंतरा फ़िल्म में सुनाई देता है जो 78 rpm के रिकॉर्ड पर नहीं है.
इस गीत का प्रारंभ सम्वाद से होता है - गोगो आ गया, गोगो आ गया, गोगो आ गया, गोगो आ गया, गोगो आ गया.
इस गीत का फ़िल्मांकन नामावली के साथ पृष्ठभूमि में किया गया था.
इस गीत का मुखड़ा फ़िल्म 'भक्त सूरदास' (1942) में सम्मिलित गीत से लिया गया है.
इस गीत का मुखड़ा फ़िल्म की नामावली के साथ भी फ़िल्मांकित किया गया था.
इस गीत का मुखड़ा फ़िल्म के अंत में 16 सेकेंड के लिए अपेक्षाकृत तेज़ गति में पुनः शामिल किया गया था.
इस गीत की 2 तरह की धुनें बनाईं गईं थीं.
इस गीत की गायिका का नाम संगीतकार इक़बाल क़ुरैशी से ज्ञात हुआ है.
इस गीत की गायिका का नाम संगीतकार बुलो सी रानी से ज्ञात हुआ है.
इस गीत की गायिका की जानकारी गीतकार-निर्माता प्रह्लाद शर्मा से प्राप्त हुई है.
इस गीत की गायिका की जानकारी गीतकार-निर्माता प्रह्लाद शर्मा से प्राप्त हुई है.
इस गीत की गायिका की जानकारी संगीतकार उषा खन्ना से प्राप्त हुई है.
इस गीत की जानकारी गीतकार 'क़मर' जलालाबादी से प्राप्त हुई. उनके अनुसार आशा भोसले के गाए इस गीत को ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर जारी नहीं किया गया था.
इस गीत की धुन फ़िल्म की नामावली के साथ भी सुनाई देती है.
इस गीत की धुन फ़िल्म की नामावली के साथ भी सुनाई देती है.
इस गीत की धुन फ़िल्म के प्रारंभ होते ही दिखने वाली नामावली के साथ सुनाई देती है.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अक्तूबर 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म जुलाई 1962 में सेंसर द्वारा पारित हुई थी. इस गीत को पुनः फ़िल्म राजू (1967) में भी शामिल कर लिया गया था.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अक्तूबर 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म जुलाई 1962 में सेंसर द्वारा पारित हुई थी. इस गीत को पुनः फ़िल्म राजू (1967) में भी शामिल कर लिया गया था.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अक्तूबर 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म जुलाई 1962 में सेंसर द्वारा पारित हुई थी. इस गीत को पुनः फ़िल्म राजू (1967) में भी शामिल कर लिया गया था.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अक्तूबर 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म जुलाई 1962 में सेंसर द्वारा पारित हुई थी. इस गीत को पुनः फ़िल्म राजू (1967) में भी शामिल कर लिया गया था.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अक्तूबर 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म जुलाई 1962 में सेंसर द्वारा पारित हुई थी. इस गीत को पुनः फ़िल्म राजू (1967) में भी शामिल कर लिया गया था.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अक्तूबर 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म जुलाई 1962 में सेंसर द्वारा पारित हुई थी. इस गीत को पुनः फ़िल्म राजू (1967) में भी शामिल कर लिया गया था.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अक्तूबर 1961 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अक्तूबर 1961 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अक्तूबर 1961 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अक्तूबर 1961 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अक्तूबर 1961 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अक्तूबर 1961 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अक्तूबर 1961 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अक्तूबर 1964 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अक्तूबर 1965 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म नवंबर 1968 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अक्तूबर 1965 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म नवंबर 1968 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अक्तूबर 1965 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म नवंबर 1968 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अगस्त 1956 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म अक्तूबर 1963 में पहली बार सेंसर द्वारा पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अगस्त 1956 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म अक्तूबर 1963 में पहली बार सेंसर द्वारा पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अगस्त 1956 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म अक्तूबर 1963 में पहली बार सेंसर द्वारा पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अगस्त 1956 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म अक्तूबर 1963 में पहली बार सेंसर द्वारा पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अगस्त 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म सितंबर 1963 में सेंसर द्वारा पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अगस्त 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म सितंबर 1963 में सेंसर द्वारा पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अगस्त 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म सितंबर 1963 में सेंसर द्वारा पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अगस्त 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म सितंबर 1963 में सेंसर द्वारा पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अगस्त 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म फरवरी 1966 में पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अगस्त 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म फरवरी 1966 में पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अगस्त 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म फरवरी 1966 में पारित हुई थी. मजरूह सुल्तानपुरी के अनुसार यह गीत उन्होंने अपनी पत्नी 'फ़िरदौस' के नाम से लिखा था. फ़िल्म की नामावली के साथ-साथ प्रचार-पुस्तिका में भी गीतकार के रूप में 'फ़िरदौस' नाम शामिल किया गया था लेकिन बाद में रिकॉर्ड पर गीतकार के रूप में मजरूह सुल्तानपुरी का ही नाम दिया गया.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अगस्त 1965 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अगस्त 1965 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अगस्त 1965 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म अक्तूबर 1967 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अगस्त 1965 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म अक्तूबर 1967 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अगस्त 1965 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म अक्तूबर 1967 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अगस्त 1965 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म अक्तूबर 1967 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अगस्त 1965 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म अक्तूबर 1967 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अगस्त 1965 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म अक्तूबर 1967 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अगस्त 1965 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म अक्तूबर 1967 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अप्रैल 1964 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म सितंबर 1968 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अप्रैल 1964 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म सितंबर 1968 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अप्रैल 1964 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म सितंबर 1968 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अप्रैल 1964 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म सितंबर 1968 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अप्रैल 1965 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अप्रैल 1965 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अप्रैल 1965 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अप्रैल 1965 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अप्रैल 1965 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग अप्रैल 1965 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जनवरी 1955 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म फरवरी 1961 में पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जनवरी 1955 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म फरवरी 1961 में पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जनवरी 1955 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म फरवरी 1961 में पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जनवरी 1955 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म फरवरी 1961 में पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जनवरी 1955 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म फरवरी 1961 में पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जनवरी 1955 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म फरवरी 1961 में पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जनवरी 1962 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म अक्तूबर 1963 में पहली बार सेंसर द्वारा पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जनवरी 1962 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म अक्तूबर 1963 में पहली बार सेंसर द्वारा पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जनवरी 1962 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म अक्तूबर 1964 में पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जनवरी 1962 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म अक्तूबर 1964 में पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जनवरी 1962 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म अक्तूबर 1964 में पारित हुई थी. यही गीत बाद में रिकॉर्ड नं. N 54887 पर अप्रैल 1965 में पुनः जारी किया गया था. फ़िल्म में इस गीत के 3 अंतरे शामिल किए गए थे लेकिन ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड नं. N 54010/54887 पर प्रथम 2 अंतरे ही सुनाई देते हैं.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जनवरी 1963 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जनवरी 1963 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जनवरी 1963 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जनवरी 1963 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जनवरी 1966 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म नवंबर 1968 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जनवरी 1966 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म नवंबर 1968 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जनवरी 1966 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म नवंबर 1968 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जुलाई 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म फरवरी 1966 में पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जुलाई 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म फरवरी 1966 में पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जुलाई 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म फरवरी 1966 में पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जुलाई 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म फरवरी 1966 में पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जुलाई 1964 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जुलाई 1965 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जुलाई 1965 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जुलाई 1965 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जुलाई 1965 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जुलाई 1965 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जुलाई 1965 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जुलाई 1965 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जुलाई 1966 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जुलाई 1966 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जुलाई 1966 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा इस फ़िल्म को फरवरी 1970 में पारित किया गया था.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जुलाई 1966 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा इस फ़िल्म को फरवरी 1970 में पारित किया गया था.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जुलाई 1966 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा इस फ़िल्म को फरवरी 1970 में पारित किया गया था.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जुलाई 1966 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा इस फ़िल्म को फरवरी 1970 में पारित किया गया था.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जुलाई 1968 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जुलाई 1968 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जुलाई 1968 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जुलाई 1968 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जुलाई 1968 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जुलाई 1968 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जून 1957 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म अक्तूबर 1963 में पहली बार सेंसर द्वारा पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जून 1957 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म अक्तूबर 1963 में पहली बार सेंसर द्वारा पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जून 1959 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म अक्तूबर 1963 में पहली बार सेंसर द्वारा पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जून 1960 में ही संपन्न हो चुकी थी यद्यपि फ़िल्म को सेंसर द्वारा मार्च 1964 में पारित किया गया था.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जून 1961 में ही संपन्न हो गई थी जिसे ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर फ़िल्म के पूर्व प्रस्तावित 'पायलट ऑफ़िसर' नाम से जारी किया गया था.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जून 1961 में ही संपन्न हो गई थी जिसे ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर फ़िल्म के पूर्व प्रस्तावित 'पायलट ऑफ़िसर' नाम से जारी किया गया था.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जून 1961 में ही संपन्न हो गई थी जिसे ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर फ़िल्म के पूर्व प्रस्तावित 'पायलट ऑफ़िसर' नाम से जारी किया गया था.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जून 1961 में ही संपन्न हो गई थी जिसे ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर फ़िल्म के पूर्व प्रस्तावित 'पायलट ऑफ़िसर' नाम से जारी किया गया था.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जून 1964 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म जुलाई 1968 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जून 1964 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म जुलाई 1968 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जून 1964 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म जुलाई 1968 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जून 1964 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म जुलाई 1968 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जून 1967 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म मार्च 1969 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जून 1967 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म मार्च 1969 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जून 1967 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म मार्च 1969 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जून 1967 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म मार्च 1969 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जून 1967 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म मार्च 1969 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग जून 1967 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म मार्च 1969 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग दिसंबर 1963 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग दिसंबर 1963 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग दिसंबर 1963 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग दिसंबर 1963 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग दिसंबर 1963 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म जुलाई 1966 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग दिसंबर 1963 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म जुलाई 1966 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग दिसंबर 1963 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म जुलाई 1966 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग दिसंबर 1963 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म जुलाई 1966 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग दिसंबर 1967 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग दिसंबर 1967 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग दिसंबर 1967 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग दिसंबर 1967 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग दिसंबर 1967 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग दिसंबर 1967 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग दिसंबर 1967 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग दिसंबर 1969 में संपन्न हुई थी जिसे फ़िल्म के पूर्व-प्रस्तावित नाम 'परिवार' से जारी किया गया था.
इस गीत की रिकॉर्डिंग नवंबर 1957 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म अक्तूबर 1963 में पहली बार सेंसर द्वारा पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग नवंबर 1957 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म अक्तूबर 1963 में पहली बार सेंसर द्वारा पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग नवंबर 1959 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म दिसंबर 1961 में पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग नवंबर 1959 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म दिसंबर 1961 में पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग नवंबर 1959 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म दिसंबर 1961 में पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग नवंबर 1959 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म दिसंबर 1961 में पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग नवंबर 1959 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म दिसंबर 1961 में पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग नवंबर 1959 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म दिसंबर 1961 में पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग नवंबर 1959 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म दिसंबर 1961 में पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग नवंबर 1959 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म दिसंबर 1961 में पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग नवंबर 1959 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म नवंबर 1961 में पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग नवंबर 1963 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग नवंबर 1963 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग नवंबर 1963 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग नवंबर 1963 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग नवंबर 1964 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म जुलाई 1966 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग फरवरी 1961 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म मई 1963 में सेंसर द्वारा पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग फरवरी 1961 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म मई 1963 में सेंसर द्वारा पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग फरवरी 1961 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म मई 1963 में सेंसर द्वारा पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग फरवरी 1961 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म मई 1963 में सेंसर द्वारा पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग फरवरी 1966 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म जून 1968 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग फरवरी 1966 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म जून 1968 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग फरवरी 1966 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म जून 1968 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग फरवरी 1966 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म जून 1968 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग फरवरी 1966 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग फरवरी 1966 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग फरवरी 1966 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग फरवरी 1966 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग फरवरी 1966 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग फरवरी 1966 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग फरवरी 1966 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग फरवरी 1966 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग फरवरी 1966 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग फरवरी 1966 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग फरवरी 1968 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग फरवरी 1968 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग फरवरी 1968 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग फरवरी 1968 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग फरवरी 1968 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग फरवरी 1968 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग फरवरी 1968 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मई 1961 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा फ़िल्म सितंबर 1966 में पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मई 1961 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा फ़िल्म सितंबर 1966 में पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मई 1961 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा फ़िल्म सितंबर 1966 में पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मई 1961 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा फ़िल्म सितंबर 1966 में पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मई 1961 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा फ़िल्म सितंबर 1966 में पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मई 1961 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा फ़िल्म सितंबर 1966 में पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मई 1963 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म मई 1966 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मई 1963 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म मई 1966 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मई 1963 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म मई 1966 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मई 1963 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म मई 1966 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मई 1963 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म मई 1966 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मई 1963 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म मई 1966 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मई 1963 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म मई 1966 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मई 1963 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म मई 1966 में पारित की गई थी. गीत के प्रारंभ में मु रफ़ी के स्वर में कुछ पंक्तियां भी शामिल की गईं थीं.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मई 1964 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म जुलाई 1968 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मई 1964 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म जुलाई 1968 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मई 1964 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म जुलाई 1968 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मई 1964 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म जुलाई 1968 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मई 1964 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म जुलाई 1968 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मई 1965 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म मार्च 1968 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मई 1965 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म मार्च 1968 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मई 1965 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म मार्च 1968 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मई 1965 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म मार्च 1968 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मई 1965 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म मार्च 1968 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मई 1965 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म मार्च 1968 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मई 1965 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म अप्रैल 1967 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मई 1965 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म अप्रैल 1967 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मई 1965 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म अप्रैल 1967 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मार्च 1962 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मार्च 1962 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मार्च 1965 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मार्च 1965 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मार्च 1966 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मार्च 1966 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मार्च 1966 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग मार्च 1966 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग सितंबर 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म अप्रैल 1962 में सेंसर द्वारा पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग सितंबर 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म अप्रैल 1962 में सेंसर द्वारा पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग सितंबर 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म अप्रैल 1962 में सेंसर द्वारा पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग सितंबर 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म अप्रैल 1962 में सेंसर द्वारा पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग सितंबर 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म अप्रैल 1962 में सेंसर द्वारा पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग सितंबर 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म अप्रैल 1962 में सेंसर द्वारा पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग सितंबर 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म सितंबर 1963 में सेंसर द्वारा पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग सितंबर 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म सितंबर 1963 में सेंसर द्वारा पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग सितंबर 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म सितंबर 1963 में सेंसर द्वारा पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग सितंबर 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म सितंबर 1963 में सेंसर द्वारा पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग सितंबर 1963 में संपन्न हुई थी लेकिन फ़िल्म सेंसर बोर्ड द्वारा 31 दिसंबर 1965 को पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग सितंबर 1963 में संपन्न हुई थी लेकिन फ़िल्म सेंसर बोर्ड द्वारा 31 दिसंबर 1965 को पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग सितंबर 1963 में संपन्न हुई थी लेकिन फ़िल्म सेंसर बोर्ड द्वारा 31 दिसंबर 1965 को पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग सितंबर 1963 में संपन्न हुई थी लेकिन फ़िल्म सेंसर बोर्ड द्वारा 31 दिसंबर 1965 को पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग सितंबर 1963 में संपन्न हुई थी लेकिन फ़िल्म सेंसर बोर्ड द्वारा 31 दिसंबर 1965 को पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग सितंबर 1963 में संपन्न हुई थी लेकिन फ़िल्म सेंसर बोर्ड द्वारा 31 दिसंबर 1965 को पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग सितंबर 1963 में संपन्न हुई थी लेकिन फ़िल्म सेंसर बोर्ड द्वारा 31 दिसंबर 1965 को पारित हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग सितंबर 1964 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म जुलाई 1968 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग सितंबर 1964 में संपन्न हुई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म जुलाई 1968 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग सितंबर 1965 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग सितंबर 1965 में संपन्न हुई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग सितंबर 1966 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म फरवरी 1970 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग सितंबर 1966 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म फरवरी 1970 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग सितंबर 1966 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म फरवरी 1970 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग सितंबर 1966 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म फरवरी 1970 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग सितंबर 1966 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म फरवरी 1970 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग सितंबर 1966 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म फरवरी 1970 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग सितंबर 1966 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म फरवरी 1970 में पारित की गई थी.
इस गीत की रिकॉर्डिंग सितंबर 1966 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म फरवरी 1970 में पारित की गई थी.
इस गीत के 3 अंतरे फ़िल्म में शामिल किए गए थे जबकि रिकॉर्ज पर पहला और तीसरा अंतरा ही सुनाई देता है.
इस गीत के 3 अंतरे फ़िल्म में शामिल किए गए थे जबकि रिकॉर्ज पर प्रथम 2 अंतरे ही सुनाई देते हैं.
इस गीत के 3 में से 2 अंतरे ही रिकॉर्ड पर सुनने को मिलते हैं, तीसरा अंतरा केवल फ़िल्म में शामिल किया गया था.
इस गीत के 78 rpm के रिकॉर्ड पर सह-गायक के रूप में तलत महमूद का नाम दिया है जबकि गीत सुनने पर मन्ना डे का स्वर सुनाई देता है.
इस गीत के 78 rpm के रिकॉर्ड पर सह-गायिका के रूप में पहले मीनू पुरषोत्तम का नाम दिया गया था जिसे बाद में सुधार कर सुमन कल्याणपुर कर दिया गया.
इस गीत के कुल 3 अंतरे हैं लेकिन प्रत्येक 78rpm रिकॉर्ड पर 2-2 अलग-अलग अंतरे दिए गए हैं.
इस गीत के गायक का नाम संगीतकार अनिल बिस्वास से ज्ञात हुआ है.
इस गीत के गायक की जानकारी गीतकार-निर्माता प्रह्लाद शर्मा से प्राप्त हुई है.
इस गीत के गायक की जानकारी गीतकार-निर्माता प्रह्लाद शर्मा से प्राप्त हुई है.
इस गीत के गायकों के नाम गायिका मीना कपूर से ज्ञात हुए हैं.
इस गीत के गीतकार एवं गायकों की जानकारी संगीतकार सी.अर्जुन से प्राप्त हुई है
इस गीत के गीतकार का नाम संगीतकार वेदपाल वर्मा से ज्ञात हुआ है.
इस गीत के गीतकार का नाम संगीतकार सी अर्जुन से ज्ञात हुआ है.
इस गीत के गीतकार का नाम स्वयं हसरत जयपुरी से ज्ञात हुआ है.
इस गीत के गीतकार का नाम स्वयं हसरत जयपुरी से ज्ञात हुआ है.
इस गीत के गीतकार का नाम स्वयं हसरत जयपुरी से ज्ञात हुआ है.
इस गीत के गीतकार की जानकारी 'क़मर' जलालाबादी से प्राप्त हुई है.
इस गीत के ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड को फ़िल्म के पूर्व प्रस्तावित 'पायलट ऑफ़िसर' नाम से जारी किया गया था.
इस गीत के ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड को फ़िल्म के पूर्व प्रस्तावित 'पायलट ऑफ़िसर' नाम से जारी किया गया था.
इस गीत के ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड को फ़िल्म के पूर्व प्रस्तावित 'पायलट ऑफ़िसर' नाम से जारी किया गया था.
इस गीत के ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड को फ़िल्म के पूर्व प्रस्तावित 'पायलट ऑफ़िसर' नाम से जारी किया गया था.
इस गीत के पूर्व साधना डांटते हुए ये शब्द-बद्तमीज़ ! जानवर !- शम्मी कपूर से कहती है जिसके जवाब में शम्मी कपूर ये गीत गाते हैं.
इस गीत के प्रथम 2 अंतरे मुखड़े सहित फ़िल्म 'क़ातिल' (1970) में भी शामिल किए गए थे.
इस गीत के प्रारंभ में सम्मिलित शे'र ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर नहीं दिया गया है.
इस गीत के फ़िल्मांकन में कवि नीरज को कई बार, बीच-बीच में, गीत गाते हुए दिखाया गया था.
इस गीत के बीच-बीच में सुनील दत्त-साधना के सम्वाद भी शामिल किए गए थे.
इस गीत के मुखड़े सहित प्रथम 2 अंतरे पूर्व निर्मित फ़िल्म छुपा रुस्तम (1965) से लिए गए हैं.
इस गीत के मुखड़े सहित प्रथम 3 अंतरे पूर्व निर्मित फ़िल्म ब्लैक टाइगर (1960) से लिए गए थे.
इस गीत के शुरू के बोल फ़िल्म के नायक-निर्माता-निर्देशक कुंवर शंकर सिंह तोमर (कानपुर निवासी) से ज्ञात हुए हैं.
इस गीत के शुरू के बोल फ़िल्म के नायक-निर्माता-निर्देशक कुंवर शंकर सिंह तोमर (कानपुर निवासी) से ज्ञात हुए हैं.
इस गीत के शुरू में सम्मिलित दोहा ग्रामोफ़ोन रिक़ार्ड पर शामिल नहीं है.
इस गीत के शुरू में सम्मिलित शे'र फ़िल्म में शामिल है लेकिन ग्रामोफ़ोन रिक़ॉर्ड पर नहीं सुनाई देता है.
इस गीत के संगीतकार का नाम फ़िल्म की नामावली से लिया गया है.
इस गीत को किशोर कुमारने पुरुष एवं महिला स्वर में गाया है. फ़िल्म में पुरुष स्वर अभिनेता प्राण पर एवं महिला स्वर स्वयं किशोर कुमार(महिला पात्र का अभिनय किया) पर ही फ़िल्माया गया था.
इस गीत को ग्रामोफ़ोन कंपनी के Angel Label वाले रिकॉर्ड पर जारी किया गया था.
इस गीत को ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड नं. N 54887 पर अप्रैल 1965 में जारी किया गया था.
इस गीत को फ़िल्म से बाद में हटा दिया गया था.
इस गीत को फ़िल्म से हटा दिया गया था.
इस गीत को युगल गीत के रूप में भी लता मंगेशकर-मु रफ़ी के स्वरों में फ़िल्म में बाल कलाकारों पर फ़िल्माया गया था.
इस गीत को युगल गीत के रूप में भी लता मंगेशकर-मु रफ़ी के स्वरों में फ़िल्म में बाल कलाकारों पर फ़िल्माया गया था.
इस गीत में 'या हू' शब्द लेखक प्रयाग राज द्वारा बोले गए हैं.
इस गीत में 'सुकू सुकू' शब्द संगीतकार-द्वय शंकर-जयकिशन के 'शंकर' द्वारा बोले गए हैं.
इस गीत में अभिनेता ओम प्रकाश के लिए गायक-अभिनेता सुरेंद्र नाथ ने पार्श्वगायन किया है
इस गीत में उषा तिमोथी के स्वर में केवल आलाप है.
इस गीत में किशोर कुमारके लिए पार्श्वगायन मन्ना डे ने किया था.
इस गीत में संत कबीर लिखित दोहे भी शामिल किए गए हैं.
इस गीत में सम्वाद ('फिर क्या हुआ') प्रसिद्ध उद्घोषक विनोद शर्मा के स्वर में है.
इस गीत में सम्वाद (यही तो मालूम नहीं है) संगीतकार लक्ष्मीकांत के स्वर में है.
इस पैरोडी गीत के लिए सह-गायक महेश कुमार ने महिला की आवाज़ में गायन किया है
इस लंबे कथानक गीत को फ़िल्म की नामावली के अतिरिक्त कई भागों में फ़िल्म में शामिल किया गया है.
इस लंबे गीत का उत्तरार्ध फ़िल्म की नामावली के साथ फ़िल्मांकित किया गया है
इस लंबे गीत का दूसरा भाग यूं शुरू होता है - आओ सखी आओ, अनुर गवती आओ...
इस लंबे गीत के दूसरे भाग का प्रारंभ आशा भोसले के स्वर में इन पंक्तियों से होता है - कंकर ना मार ओ पगले...-2, कंकर न मार पगले मतवाले...
इस लंबे गीत के दूसरे भाग का प्रारंभ इन पंक्तियों से होता है - चंचल कौन है, पद्मावती है, उसके संग है कौन...
इस शीर्षक-कथानक गीत को फ़िल्म की नामावली के साथ भी फ़िल्माया गया था.
इस शीर्षक/कथानक गीत को फ़िल्म की नामावली के अतिरिक्त बाद में भी कई भागों में शामिल किया गया है
इस हिंदी गीत के बीच-बीच में कुछ पंजाबी शब्दों का भी प्रयोग किया गया है.
एस जानकी के अनुसार (1) यह छोटा गीत (अवधि 1 मिनट 15 सेकेंड) बिना वाद्य यंत्रों के पद्यात्मक रूप में उन्होंने ही गाया गाया था और (2) इसे पहले उषा मंगेशकर के स्वर में रिकॉर्ड किया गया था.
कई भागों में फ़िल्मांकित कथानक गीत.
कथानक गीत के रूप में यह गीत फ़िल्म में कई बार शामिल किया गया था.
कथानक-शीर्षक गीत के रूप में यह गीत फ़िल्म की नामावली के अतिरिक्त फ़िल्म में 3 भागों में फ़िल्माया गया था.
किशोर कुमारके लिए मन्ना डे ने इस गीत में पार्श्वगायन किया था.
कुछ ग्रामोफ़ोन रिकॉर्डों पर सह-गायिका के रूप में लता मंगेशकर का नाम छपा है.
ख़य्याम साहब ने एक गीत (इसके बोल पता नहीं चल सके) स्व. कुंदन लाल सैगल के सुपुत्र मदन सैगल से गवाया था लेकिन इसे फ़िल्म में शामिल नहीं किया गया था न ही इसे ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर जारी किया गया था.
गायक जसपाल सिंह फोकेला के अनुसार हिंदी फ़िल्मों हेतु यह उनका गाया प्रथम एकल गीत है.
गायक नितिन मुकेश के अनुसार उनका गाया ये पहला गीत है.
गायक पी बी श्रीनिवास ने पहली बार किसी हिंदी फ़िल्म में यह गीत गाया था.
गायक भूपेंद्र का गाया प्रथम एकल हिंदी फ़िल्म गीत.
गायक भूपेंद्र का गाया प्रथम फ़िल्मी गीत जिसमें उनकी गाई पंक्तियां उन्हीं पर फ़िल्मायी गईं थीं.
गायिका चंद्राणी मुखर्जी का गाया प्रथम पार्श्व गीत
गायिका शारदा का गाया प्रथम हिंदी फ़िल्म गीत.
गायिका हेमलता के अनुसार किसी हिंदी फ़िल्म के लिए उनका गाया यह प्रथम गीत है.
गायिका-संगीतकार उषा खन्ना के अनुसार इस गीत को उन्होंने ही गाया था.
गीत का रंगीन फ़िल्मांकन किया गया है
गीत का रंगीन फ़िल्मांकन किया गया है
गीत का रंगीन फ़िल्मांकन किया गया है
गीत का रंगीन फ़िल्मांकन किया गया है
गीत का रंगीन फ़िल्मांकन किया गया है
गीत का रंगीन फ़िल्मांकन किया गया है
गीत का रंगीन फ़िल्मांकन किया गया है
गीत का रंगीन फ़िल्मांकन किया गया है
गीत का रंगीन फ़िल्मांकन किया गया है
गीत का रंगीन फ़िल्मांकन किया गया है
गीत का रंगीन फ़िल्मांकन किया गया है
गीत का रंगीन फ़िल्मांकन किया गया है
गीत का रंगीन फ़िल्मांकन किया गया है
गीत की गायिका का नाम संगीतकार सी अर्जुन से ज्ञात हुआ है जिनके अनुसार इस गीत को ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर जारी नहीं किया गया था.
गीत की गायिका का नाम स्वयं संगीतकार दिलीप ढोलकिया से प्राप्त हुआ है.
गीत की गायिका की जानकारी संगीतकार एस.मदन से प्राप्त हुई है
गीत की रिकॉर्डिंग वास्तव में जुलाई 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म को जुलाई 1962 में सेंसर द्वारा पारित किया गया था.
गीत की रिकॉर्डिंग वास्तव में जुलाई 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म को जुलाई 1962 में सेंसर द्वारा पारित किया गया था.
गीत की रिकॉर्डिंग वास्तव में जुलाई 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म को जुलाई 1962 में सेंसर द्वारा पारित किया गया था.
गीत की रिकॉर्डिंग वास्तव में जुलाई 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म को जुलाई 1962 में सेंसर द्वारा पारित किया गया था.
गीत की रिकॉर्डिंग वास्तव में नवंबर 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म को अक्तूबर 1962 में सेंसर द्वारा पारित किया गया था.
गीत की रिकॉर्डिंग वास्तव में नवंबर 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म को अक्तूबर 1962 में सेंसर द्वारा पारित किया गया था.
गीत की रिकॉर्डिंग वास्तव में नवंबर 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म को अक्तूबर 1962 में सेंसर द्वारा पारित किया गया था.
गीत की रिकॉर्डिंग वास्तव में नवंबर 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म को अक्तूबर 1962 में सेंसर द्वारा पारित किया गया था.
गीत की रिकॉर्डिंग वास्तव में नवंबर 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म को अक्तूबर 1962 में सेंसर द्वारा पारित किया गया था.
गीत की रिकॉर्डिंग वास्तव में नवंबर 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म को अक्तूबर 1962 में सेंसर द्वारा पारित किया गया था.
गीत के अंत में आशा भोसले के स्वर में गुनगुनाहट सुनाई देती है.
गीत के गायक की जानकारी संगीतकार अजीत मर्चेंट से प्राप्त हुई है.
गीत के गायकों की जानकारी संगीतकार एस. मदन से प्राप्त हुई है
गीत के गायकों की जानकारी संगीतकार एस. मदन से प्राप्त हुई है
गीत के गायकों की जानकारी संगीतकार एस. मदन से प्राप्त हुई है
गीत के गायकों की जानकारी संगीतकार एस. मदन से प्राप्त हुई है
गीत के गायकों की जानकारी संगीतकार एस. मदन से प्राप्त हुई है
गीत के गायकों की जानकारी संगीतकार-गायक जी एम दुर्रानी से प्राप्त हुई है
गीत के गायकों की जानकारी संगीतकार-गायक जी एम दुर्रानी से प्राप्त हुई है
गीत के गायकों के नाम स्वयं संगीतकार दिलीप ढोलकिया से प्राप्त हुए हैं.
गीत के गीतकार 'अज़ीज़ ग़ाज़ी' का नाम ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड से लिया गया है यद्यपि फ़िल्म की प्रचार-पुस्तिका (Booklet) में 'अशोक (अज़ीज़ जमाली)' नाम छपा है.
गीत के गीतकार 'अज़ीज़ ग़ाज़ी' का नाम ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड से लिया गया है यद्यपि फ़िल्म की प्रचार-पुस्तिका (Booklet) में 'अशोक (अज़ीज़ जमाली)' नाम छपा है.
गीत के गीतकार 'अज़ीज़ ग़ाज़ी' का नाम ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड से लिया गया है यद्यपि फ़िल्म की प्रचार-पुस्तिका (Booklet) में 'अशोक (अज़ीज़ जमाली)' नाम छपा है.
गीत के गीतकार 'अज़ीज़ ग़ाज़ी' का नाम ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड से लिया गया है यद्यपि फ़िल्म की प्रचार-पुस्तिका (Booklet) में 'अशोक (अज़ीज़ जमाली)' नाम छपा है.
गीत के प्रारंभ में दिया गया दोहा ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर शामिल नहीं है.
गीत के प्रारंभ में दिया गया दोहा ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर शामिल नहीं है.
गीत के प्रारंभ में दिया गया दोहा ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर शामिल नहीं है.
गीत के प्रारंभ में सम्मिलित शे'र - वो फूल सर चढ़ा... सय्यद ग़ुलाम मुहम्मद मस्त कलकत्तवी का लिखा हुआ है.
गीत के प्रारंभ में सम्मिलित शे'र ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर नहीं दिया गया है.
गीत के प्रारंभ में सम्मिलित शे'र ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर नहीं दिया गया है.
गीत के प्रारंभ में सम्मिलित शे'र फ़िल्म में सुनाई देता है.
गीत के प्रारंभिक बोल फ़िल्म में शामिल नहीं किए गए हैं.
गीत क्र.2 के गीतकार का नाम ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर टी यू हुसैनी दिया है लेकिन फ़िल्म की प्रचार पुस्तिका में एस टी हुसैनी दिया गया है जिन्होंने फ़िल्म के सम्वाद भी लिखे थे.
गीत क्र.6 (मुशायरा) का प्रारंभ अभिनेता बीरबल-महिला स्वर में होता है जिसमें बहुत-से अभिनेता-अभिनेत्रियों के नाम सुनने को मिलते हैं एवं गीत के बीच में गीत लेखक 'सरशार' का नाम भी सुनाई देता है.
गीतकार 'नक़्श' लायलपुरी के अनुसार यह गीत उन्होंने ही लिखा था एवं आशा भोसले ने गाया था.
गीतकार 'नक़्श' लायलपुरी के अनुसार यह गीत उन्होंने ही लिखा था.
गीतकार गुलज़ार के अनुसार यह नज़्म फ़िल्म में नामावली के अतिरिक्त बाद में पृष्ठभूमि में बार-बार इस्तेमाल की गई थी.
गीतकार द्वय का पूरा नाम जावेद (मनोहर खन्ना जावेद) - अनवर (राहिल गोरखपुरी) है.
गीतकार द्वय का पूरा नाम जावेद (मनोहर खन्ना जावेद) - अनवर (राहिल गोरखपुरी) है.
गीतकार द्वय का पूरा नाम जावेद (मनोहर खन्ना जावेद) - अनवर (राहिल गोरखपुरी) है.
गीतकार नक़्श लायलपुरी के अनुसार उन्होंने ही इस गीत को लिखा था.
गीतकार शैलेंद्र की बेटी आमला शंकर के अनुसार इस गीत का केवल मुखड़ा गुलज़ार ने लिखा था, शेष गीत शैलेंद्र ने पूरा किया था.
गीतकार हसरत जयपुरी के अनुसार इस गीत को शैलेंद्र ने लिखा था.
गीतकार-निर्माता-निर्देशक प्रहलाद शर्मा से इस गीत के गायक की जानकारी प्राप्त हुई है.
गीतकार-निर्माता-निर्देशक प्रहलाद शर्मा से इस गीत के गायक की जानकारी प्राप्त हुई है.
गीतकार-निर्माता-निर्देशक प्रहलाद शर्मा से इस गीत के गायक की जानकारी प्राप्त हुई है.
गौहर कानपुरी लिखित प्रथम हिंदी फ़िल्म गीत जिसकी रिकॉर्डिंग मई 1965 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म अप्रैल 1967 में पारित की गई थी.
ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड नं. N 53330 (Angel Label) पर जारी इस गीत की रिकॉर्डिंग जनवरी 1960 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म नवंबर 1961 में पारित हुई थी.
ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड नं. N 53330 (Angel Label) पर जारी इस गीत की रिकॉर्डिंग नवंबर 1959 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म नवंबर 1961 में पारित हुई थी.
ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर दिए गए इस गीत के प्रारंभ में एक शेर भी सुनाई देता है लेकिन इसे फ़िल्म में नहीं शामिल किया गया था.
ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर फ़िल्म का नाम 'जासूस 007' दिया है.
ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर फ़िल्म का नाम 'जासूस 007' दिया है.
ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर फ़िल्म का नाम 'मासूम' दिया गया है.
ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर फ़िल्म का नाम 'मासूम' दिया गया है.
ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर यह गीत केवल लता मंगेशकर के स्वर में दिया है लेकिन फ़िल्म की प्रचार पुस्तिका के अनुसार फ़िल्म में यह गीत लता मंगेशकर-तलत महमूद के स्वरों में फ़िल्माया गया था.
ग्रामोफ़ोन रिकॉर्डों पर यह गीत महेंद्र कपूर के स्वरों में दिया है जबकि फ़िल्म में महेंद्र कपूर-आशा भोसले के स्वरों में फ़िल्माया गया था.
चूंकि फ़िल्म का नाम पहले 'जवां मुहब्बत' रखा गया था, इसलिए 78 rpm के ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर फ़िल्म का यही नाम दिया गया है.
चूंकि फ़िल्म का नाम पहले 'जवां मुहब्बत' रखा गया था, इसलिए 78 rpm के ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर फ़िल्म का यही नाम दिया गया है.
चूंकि फ़िल्म का नाम पहले 'जवां मुहब्बत' रखा गया था, इसलिए 78 rpm के ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर फ़िल्म का यही नाम दिया गया है.
चूंकि फ़िल्म का नाम पहले 'जवां मुहब्बत' रखा गया था, इसलिए 78 rpm के ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर फ़िल्म का यही नाम दिया गया है.
तलत महमूद एवं मु रफ़ी के गाए इस युगल गीत को फ़िल्म हेतु रिकॉर्ड किया गया था लेकिन बाद में यही गीत महेंद्र कपूर एवं मु रफ़ी के स्वरों में रिकॉर्ड कर फ़िल्म में शामिल कर लिया गया था.
दो भागों में फ़िल्मांकित
दो भागों में फ़िल्मांकित इस गीत की रिकॉर्डिंग जनवरी 1962 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म अक्तूबर 1964 में पारित हुई थी.
नाटकीय रूप में सम्वादों सहित राजेंद्र नाथ एवं धूमाल पर फ़िल्मांकित.
नामावली के साथ पृष्ठभूमि में फ़िल्मांकित
नामावली के साथ पृष्ठभूमि में फ़िल्मांकित
नामावली के साथ पृष्ठभूमि में फ़िल्मांकित इस गीत में एक अतिरिक्त अंतरा भी शामिल था जिसे बाद में गीत से हटा दिया गया था.
नामावली के साथ पृष्ठभूमि में फ़िल्मांकित कथानक गीत
नामावली के साथ पृष्ठभूमि में फ़िल्मांकित गीत
नामावली के साथ पृष्ठभूमि में फ़िल्मांकित गीत
नामावली के साथ पृष्ठभूमि में फ़िल्मांकित गीत
नामावली के साथ पृष्ठभूमि में फ़िल्मांकित गीत
नामावली के साथ पृष्ठभूमि में फ़िल्मांकित गीत
नामावली के साथ पृष्ठभूमि में फ़िल्मांकित गीत
नामावली के साथ पृष्ठभूमि में फ़िल्मांकित गीत
नामावली के साथ पृष्ठभूमि में फ़िल्मांकित गीत
नामावली के साथ पृष्ठभूमि में फ़िल्मांकित गीत
नामावली के साथ पृष्ठभूमि में फ़िल्मांकित गीत जिसके प्रारंभ में फ़िल्म में आलाप नहीं है.
नामावली के साथ पृष्ठभूमि में फ़िल्मांकित शीर्षक गीत
नामावली के साथ पृष्ठभूमि में सम्मिलित गीत
नामावली के साथ फ़िल्मांकित कथानक गीत
नामावली के साथ फ़िल्मांकित गीत
नामावली के साथ फ़िल्मांकित गीत
नामावली के साथ फ़िल्मांकित गीत जिसके प्रारंभ में फ़िल्म में एक दोहा भी सुनाई देता है.
नामावली के साथ राजेंद्र कुमार पर फ़िल्मांकित
नामावली के साथ सम्मिलित शीर्षक गीत
नामावली के साथ सम्मिलित शीर्षक गीत
नीलधारा फ़िल्म्स द्वारा निर्माण हेतु प्रस्तावित फ़िल्म के इस गीत की रिकॉर्डिंग दिसंबर 1953 में संपन्न हो गई थी लेकिन एक दशक बाद इसे के.एन.प्रोडक्शंस द्वारा 8.1.1963 को सेंसर द्वारा पारित करवाने के बाद प्रदर्शन हेतु जारी किया गया था.
नीलधारा फ़िल्म्स द्वारा निर्माण हेतु प्रस्तावित फ़िल्म के इस गीत की रिकॉर्डिंग दिसंबर 1953 में संपन्न हो गई थी लेकिन एक दशक बाद इसे के.एन.प्रोडक्शंस द्वारा 8.1.1963 को सेंसर द्वारा पारित करवाने के बाद प्रदर्शन हेतु जारी किया गया था.
नीलधारा फ़िल्म्स द्वारा निर्माण हेतु प्रस्तावित फ़िल्म के इस गीत की रिकॉर्डिंग दिसंबर 1953 में संपन्न हो गई थी लेकिन एक दशक बाद इसे के.एन.प्रोडक्शंस द्वारा 8.1.1963 को सेंसर द्वारा पारित करवाने के बाद प्रदर्शन हेतु जारी किया गया था.
नीलधारा फ़िल्म्स द्वारा निर्माण हेतु प्रस्तावित फ़िल्म के इस गीत की रिकॉर्डिंग दिसंबर 1953 में संपन्न हो गई थी लेकिन एक दशक बाद इसे के.एन.प्रोडक्शंस द्वारा 8.11.1963 को सेंसर द्वारा पारित करवाने के बाद प्रदर्शन हेतु जारी किया गया था.
पंजाबी लोक गीतों के गायक आसा सिंह 'मस्ताना' का हिंदी फ़िल्मों हेतु गाया यह एक मात्र गीत है.
पंजाबी लोक धुन (टप्पा) पर रचित इस लंबे (7 मिनट 6 सेकेंड) गीत में कुछ पंजाबी शब्द भी सुनाई देते हैं एवं अभिनेता-अभिनेत्रियों के नाम भी शामिल किए गए हैं. इस गीत के गायकों के नाम गीतकार आनंद बक्शी द्वारा अपनी डायरी में लिपिबद्ध किए गए गीतों की सूची से ज्ञात हुए हैं. गायिका उषा मंगेशकर के अनुसार यह गीत महेंद्र कपूर के साथ उन्होंने ही गाया था.
पहेली पूछने व उत्तर देने वाले इस युगल गीत के अंत में एक प्रश्न के जवाब में 'अंजाना' शब्द सुनाई देता है जिस कारण इसे शीर्षक गीत बताया गया है.
पूर्व निर्मित फ़िल्म 'श्री गणेश महिमा' (1950) से लिए गए इस गीत को पुनः इस फ़िल्म में नए रंगीन फ़िल्मांकन के साथ शामिल किया गया है.
पूर्व में यही गीत फ़िल्म दिल्ली का ठग (1958) में भी शामिल था.
पृष्ठभूमि में नामावली के साथ सम्मिलित गीत
पृष्ठभूमि में फ़िल्मांकित गीत
पृष्ठभूमि में फ़िल्मांकित गीत
पृष्ठभूमि में फ़िल्मांकित गीत
प्रथम गीत के रूप में यह गीत फ़िल्म में शामिल किया गया था लेकिन इसका ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड जारी नहीं हुआ था.
फ़िल्म 'बैंड मास्टर' में सम्मिलित इस गीत को 78 rpm के रिकॉर्ड नं. N 53704 पर, पहले फ़िल्म के पूर्व प्रस्तावित नाम 'माई सन्' (My Son) से तथा बाद 'कौन है अपना' नाम से जारी किया गया था.
फ़िल्म 'बैंड मास्टर' में सम्मिलित इस गीत को 78 rpm के रिकॉर्ड नं. N 53704 पर, पहले फ़िल्म के पूर्व प्रस्तावित नाम 'माई सन्' (My Son) से तथा बाद 'कौन है अपना' नाम से जारी किया गया था.
फ़िल्म 'बैंड मास्टर' में सम्मिलित इस गीत को 78 rpm के रिकॉर्ड नं. N 53705 को फ़िल्म के पूर्व प्रस्तावित नाम 'कौन है अपना' पर जारी किया गया था.
फ़िल्म 'बैंड मास्टर' में सम्मिलित इस गीत को 78 rpm के रिकॉर्ड नं. N 53705 को फ़िल्म के पूर्व प्रस्तावित नाम 'कौन है अपना' पर जारी किया गया था.
फ़िल्म 'साहिब बीबी और ग़ुलाम' (1962) के लिए प्रस्तावित एक गीत - साहिल की तरफ़ कश्ती ले चल..., जिसे यद्यपि फ़िल्म में शामिल नहीं किया गया था, की ही धुन पर आधारित इस गीत की रचना की गई थी .
फ़िल्म का नाम पहले 'जलपरी' रखा गया था तथा गीत को लेकर जारी 78 rpm के रिकॉर्ड पर भी यही नाम दिया गया था.
फ़िल्म का नाम पहले 'जलपरी' रखा गया था तथा गीत को लेकर जारी 78 rpm के रिकॉर्ड पर भी यही नाम दिया गया था.
फ़िल्म का नाम पहले 'जलपरी' रखा गया था तथा गीत को लेकर जारी 78 rpm के रिकॉर्ड पर भी यही नाम दिया गया था.
फ़िल्म का नाम पहले 'जलपरी' रखा गया था तथा गीत को लेकर जारी 78 rpm के रिकॉर्ड पर भी यही नाम दिया गया था.
फ़िल्म का नाम पहले 'जलपरी' रखा गया था तथा गीत को लेकर जारी 78 rpm के रिकॉर्ड पर भी यही नाम दिया गया था.
फ़िल्म का नाम पहले 'जिसने तेरा नाम लिया' रखा गया था एवं ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड नं. N 52755 भी इसी नाम से जारी किया गया था जिसके लिए गीत की रिकॉर्डिंग जून 1958 में हुई थी. यद्यपि 'तेरे द्वार खड़ा भगवान' फ़िल्म 30 दिसंबर 1964 को सेंसर बोर्ड द्वारा पारित हुई लेकिन गीत का ग्रामोफ़ोन ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड नं. N 54804 फरवरी 1965 में जारी किया गया था.
फ़िल्म का नाम पहले 'जिसने तेरा नाम लिया' रखा गया था एवं ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड नं. N 52757 भी इसी नाम से जारी किया गया था जिसके लिए गीत की रिकॉर्डिंग जून 1958 में हुई थी. यद्यपि 'तेरे द्वार खड़ा भगवान' फ़िल्म 30 दिसंबर 1964 को सेंसर बोर्ड द्वारा पारित हुई लेकिन गीत का ग्रामोफ़ोन ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड नं. N 54805 फरवरी 1965 में जारी किया गया था.
फ़िल्म का नाम पहले 'जिसने तेरा नाम लिया' रखा गया था एवं ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड भी इसी नाम से जारी किया गया था जिसके लिए गीत की रिकॉर्डिंग जून 1958 में हुई थी.
फ़िल्म का नाम पहले 'जिसने तेरा नाम लिया' रखा गया था एवं ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड भी इसी नाम से जारी किया गया था जिसके लिए गीत की रिकॉर्डिंग जून 1958 में हुई थी.
फ़िल्म का नाम पहले 'जिसने तेरा नाम लिया' रखा गया था एवं ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड भी इसी नाम से जारी किया गया था जिसके लिए गीत की रिकॉर्डिंग जून 1958 में हुई थी.
फ़िल्म का नाम पहले 'जिसने तेरा नाम लिया' रखा गया था एवं ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड भी इसी नाम से जारी किया गया था जिसके लिए गीत की रिकॉर्डिंग जून 1958 में हुई थी.
फ़िल्म का नाम पहले 'पठान' रखा गया था
फ़िल्म का नाम पहले 'पठान' रखा गया था तथा इस गीत के रिकॉर्ड पर भी यही नाम दिया गया था. गीत की रिकॉर्डिंग मई 1954 में संपन्न हो गई थी.
फ़िल्म का नाम पहले 'पठान' रखा गया था तथा इस गीत के रिकॉर्ड पर भी यही नाम दिया गया था. गीत की रिकॉर्डिंग मई 1954 में संपन्न हो गई थी.
फ़िल्म का नाम पहले 'पठान' रखा गया था तथा इस गीत के रिकॉर्ड पर भी यही नाम दिया गया था. गीत की रिकॉर्डिंग मई 1954 में संपन्न हो गई थी.
फ़िल्म का नाम पहले 'पठान' रखा गया था तथा इस गीत के रिकॉर्ड पर भी यही नाम दिया गया था. गीत की रिकॉर्डिंग मई 1954 में संपन्न हो गई थी.
फ़िल्म का नाम पहले 'पठान' रखा गया था तथा इस गीत के रिकॉर्ड पर भी यही नाम दिया गया था. गीत की रिकॉर्डिंग मई 1954 में संपन्न हो गई थी.
फ़िल्म का नाम पहले 'पठान' रखा गया था तथा इस गीत के रिकॉर्ड पर भी यही नाम दिया गया था. गीत की रिकॉर्डिंग मई 1954 में संपन्न हो गई थी.
फ़िल्म का नाम पहले 'पठान' रखा गया था तथा इस गीत के रिकॉर्ड पर भी यही नाम दिया गया था. गीत की रिकॉर्डिंग मई 1954 में संपन्न हो गई थी.
फ़िल्म का नाम पहले 'प्यास' रखा गया था तथा अगस्त 1965 में रिकॉर्ड किए गए इस गीत को ग्रामोफ़ोन रिकार्डों पर भी फ़िल्म 'प्यास' के नाम से ही जारी किया गया था जो कि अक्तूबर 1968 में 'अपना घर अपनी कहानी' के नाम से सेंसर बोर्ड द्वारा पारित हुई थी.
फ़िल्म का नाम पहले 'प्यास' रखा गया था तथा अगस्त 1965 में रिकॉर्ड किए गए इस गीत को ग्रामोफ़ोन रिकार्डों पर भी फ़िल्म 'प्यास' के नाम से ही जारी किया गया था जो कि अक्तूबर 1968 में 'अपना घर अपनी कहानी' के नाम से सेंसर बोर्ड द्वारा पारित हुई थी.
फ़िल्म का नाम पहले 'प्यास' रखा गया था तथा अगस्त 1965 में रिकॉर्ड किए गए इस गीत को ग्रामोफ़ोन रिकार्डों पर भी फ़िल्म 'प्यास' के नाम से ही जारी किया गया था जो कि अक्तूबर 1968 में 'अपना घर अपनी कहानी' के नाम से सेंसर बोर्ड द्वारा पारित हुई थी.
फ़िल्म का नाम पहले 'प्यास' रखा गया था तथा अगस्त 1965 में रिकॉर्ड किए गए इस गीत को ग्रामोफ़ोन रिकार्डों पर भी फ़िल्म 'प्यास' के नाम से ही जारी किया गया था जो कि अक्तूबर 1968 में 'अपना घर अपनी कहानी' के नाम से सेंसर बोर्ड द्वारा पारित हुई थी.
फ़िल्म का नाम पहले 'प्यास' रखा गया था तथा अगस्त 1965 में रिकॉर्ड किए गए इस गीत को ग्रामोफ़ोन रिकार्डों पर भी फ़िल्म 'प्यास' के नाम से ही जारी किया गया था जो कि अक्तूबर 1968 में 'अपना घर अपनी कहानी' के नाम से सेंसर बोर्ड द्वारा पारित हुई थी.
फ़िल्म का नाम पहले 'प्यास' रखा गया था तथा अगस्त 1965 में रिकॉर्ड किए गए इस गीत को ग्रामोफ़ोन रिकार्डों पर भी फ़िल्म 'प्यास' के नाम से ही जारी किया गया था जो कि अक्तूबर 1968 में 'अपना घर अपनी कहानी' के नाम से सेंसर बोर्ड द्वारा पारित हुई थी. इस गीत का प्रारंभ बच्ची की खिलखिलाहट से सुनाई देता है.
फ़िल्म का नाम पहले 'बाप, बहू और बेटा' रखा गया था तथा इस गीत को 45-N 55836 रिकॉर्ड पर इसी नाम से जारी किया गया था.
फ़िल्म का नाम पहले 'बाप, बहू और बेटा' रखा गया था तथा इस गीत को 45-N 55836 रिकॉर्ड पर इसी नाम से जारी किया गया था.
फ़िल्म का नाम पहले 'सी आई डी इंसपेक्टर' रखा गया था तथा इस गीत के रिकॉर्ड पर भी यही नाम दिया गया था.
फ़िल्म का नाम पहले 'सी आई डी इंसपेक्टर' रखा गया था तथा इस गीत के रिकॉर्ड पर भी यही नाम दिया गया था.
फ़िल्म का नाम पहले बदला रखा गया था और रिकॉर्ड भी इसी नाम से जारी किया गया था.
फ़िल्म का नाम पहले बदला रखा गया था और रिकॉर्ड भी इसी नाम से जारी किया गया था.
फ़िल्म का नाम पहले संपूर्ण महाभारत रखा गया था एवं इस गीत की रिकॉर्डिंग जून 1965 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म अगस्त 1970 में पारित की गई थी.
फ़िल्म का नाम पहले संपूर्ण महाभारत रखा गया था एवं इस गीत की रिकॉर्डिंग जून 1965 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म अगस्त 1970 में पारित की गई थी.
फ़िल्म का नाम पहले संपूर्ण महाभारत रखा गया था एवं इस गीत की रिकॉर्डिंग जून 1965 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म अगस्त 1970 में पारित की गई थी.
फ़िल्म का नाम पहले संपूर्ण महाभारत रखा गया था एवं इस गीत की रिकॉर्डिंग जून 1965 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म अगस्त 1970 में पारित की गई थी.
फ़िल्म की नामावली एवं अंत में भी फ़िल्मांकित कथानक गीत.
फ़िल्म की नामावली के अनुसार यह गीत स्वर्गीय बिंदादीन महाराज का लिखा हुआ है भले ही रिकॉर्ड पर गोपीकृष्ण जी का नाम गीतकार के रूप में दिया है. गायिका उषा मंगेशकर के अनुसार (1) महिला स्वर उनका नहीं है, (2) ये बोल किसी नर्त्तकी ने बोले हैं.
फ़िल्म की नामावली के साथ फ़िल्मांकित छोटा गीत (53 सेकेंड).
फ़िल्म की नामावली के साथ फ़िल्मांकित शीर्षक गीत.
फ़िल्म की प्रचार पुस्तिका के अनुसार इस गीत के गीतकार शैलेंद्र हैं यद्यपि ग्रामोफ़ोन रिकॉर्डों पर गीतकार के रूप में हसरत जयपुरी का नाम दिया गया है. स्व. शैलेंद्र की बेटी आमला शंकर के अनुसार गीत क्र. 2 उनके पिताजी ने ही लिखा था.
फ़िल्म की प्रचार पुस्तिका के अनुसार गीत के गीतकार अनाम हैं लेकिन ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर गीतकार के रूप में गोविंद मूनिस का नाम दिया है.
फ़िल्म की प्रचार पुस्तिका के अनुसार गीत के गीतकार अनाम हैं लेकिन ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर गीतकार के रूप में गोविंद मूनिस का नाम दिया है.
फ़िल्म की प्रचार पुस्तिका के अनुसार यह एक युगल गीत (2 महिला स्वर) है.
फ़िल्म की प्रचार पुस्तिका के अनुसार सुलक्षणा पंडित का गाया यह प्रथम हिंदी फ़िल्म गीत है.
फ़िल्म की प्रचार पुस्तिका में उपर्युक्त 6 गीतों के 3 गीतकारों में से एक नाम अशद भोपाली दिया है जबकि इस गीत के ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर गीतकार का नाम हसरत भोपाली दिया गया है.
फ़िल्म की प्रचार पुस्तिका में गीत क्र.3 के गायकों के नाम मु.रफ़ी-आशा भोसले दिए गए हैं.
फ़िल्म के पूर्व प्रस्तावित नाम 'स्मगलर' हेतु इस गीत की रिकॉर्डिंग सितंबर 1963 में ही संपन्न हो गई थी एवं रिकॉर्ड भी 'स्मगलर' नाम ही दिया गया था यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म जनवरी 1966 में पारित हुई थी.
फ़िल्म के पूर्व प्रस्तावित नाम 'स्मगलर' हेतु इस गीत की रिकॉर्डिंग सितंबर 1963 में ही संपन्न हो गई थी एवं रिकॉर्ड भी 'स्मगलर' नाम ही दिया गया था यद्यपि सेंसर बोर्ड द्वारा यह फ़िल्म जनवरी 1966 में पारित हुई थी.
फ़िल्म में इस क़व्वाली के प्रारंभ में आलाप और उसके बाद अतिरिक्त संगीत सुनाई देता है जिसे ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर नहीं दिया गया है. फ़िल्म में क़व्वाली का एक अतिरिक्त अंतरा भी सादत की आवाज़ में सुनाई देता है.
फ़िल्म में इस गीत का प्रारंभ यूं होता है - सदका उतारिए...
फ़िल्म में इस गीत की समाप्ति पर कवि प्रदीप की गाई हुईं कुछ पंक्तियां शामिल की गईं थीं - जीत द्रौपदी की हुई हारा अधम समाज...
फ़िल्म में इस गीत के 3 अंतरे सुनाई देते हैं जबकि ग्रामोफ़ोन पर 2 अंतरे ही दिए गए हैं.
फ़िल्म में इस गीत के अंत में महेंद्र कपूर के स्वर आलाप सुनाई देता है.
फ़िल्म में इस गीत के अंत में मु रफ़ी के स्वर में एक अंतरा शामिल किया गया था.
फ़िल्म में इस गीत के अंत में मु.रफ़ी का स्वर भी सुनाई देता है.
फ़िल्म में इस गीत के अंश लता मंगेशकर के अतिरिक्त लता मंगेशकर-मु.रफ़ी-साथियों के स्वरों में 2 बार अलग-अलग फ़िल्माए गए थे.
फ़िल्म में इस गीत के पूर्व ये शेर भी शामिल था - उम्मीदें आरज़ूएं खेलती हैं यूं मेरे दिल से, पलट आती हैं मौजें जिस तरह टकरा के साहिल से.
फ़िल्म में इस गीत के पूर्व शेरो-शायरी भी शामिल की गई थी.
फ़िल्म में इस गीत के पूर्व संगीतकार रवि की आवाज़ में एक दोहा शामिल किया गया था.
फ़िल्म में इस गीत के प्रारंभ में 'पत्थरों से दास्तान-ए-दिल...' से प्रारंभ होने वाला एक शे'र भी शामिल था.
फ़िल्म में इस गीत के प्रारंभ में 'बुरा ना मानो...' से प्रारंभ होने वाली 4 पंक्तियां 2 महिला स्वरों में 2 नर्तकियों पर फ़िल्माई गईं थीं.
फ़िल्म में इस गीत के प्रारंभ में पुरुष स्वर में एक श्लोक - परित्राणाय साधूनां... भी शामिल किया गया है.
फ़िल्म में इस गीत के प्रारंभ में महेंद्र कपूर की आवाज़ में कुछ पंक्तियां (अवधि : 47 सेकेंड) सुनाई देती हैं - हरे मुरारे, मधुकैट भारे, हे नाथ नारायण वासुदेव श्री कृष्ण...
फ़िल्म में इस गीत के बोल यूं शुरू होते हैं - मैं अलबेला होम गार्ड...
फ़िल्म में इस गीत को आशा भोसल-ए-महेंद्र कपूर के स्वरों में मलिका एवं ओ पी रल्हन पर फ़िल्माया गया था.
फ़िल्म में इस गीत को आशा भोसले के साथ लता मंगेशकर (शोकपूर्ण बोलों के साथ) के स्वरों में फ़िल्माया गया था.
फ़िल्म में इस गीत में महेंद्र कपूर (पृथ्वीराज कपूर के लिए) का स्वर भी सुनाई देता है.
फ़िल्म में इस गीत में महेंद्र कपूर एवं साथियों का स्वर भी शामिल है.
फ़िल्म में इस गीत में संगीतकार अनिल बिस्वास का स्वर भी शामिल था.
फ़िल्म में इस गीत में साथियों का स्वर भी है.
फ़िल्म में गीत का प्रारंभ - चुनर मोरी कोरी... शब्दों से होता है.
फ़िल्म में गीत का प्रारंभ - जहां डाल डाल पर... शब्दों से होता है और उसके बाद श्लोक - गुरूर ब्रह्मा... सुनाई देता है.
फ़िल्म में गीत का प्रारंभ यूं सुनाई देता है - मुझे मेरा प्यार दे दे...
फ़िल्म में गीत के शुरू की 2 पंक्तियां मु रफ़ी के स्वर में गाई गईं हैं.
फ़िल्म में नामावली के तुरंत बाद यह लंबा कथानक गीत सुनाई देता है.
फ़िल्म में पृष्ठभूमि में फ़िल्मांकित शीर्षक गीत
फ़िल्म में यह गीत 'दो घूंट चाय पी...' शब्दों से सुनाई देता है जबकि रिकॉर्ड पर 'दो घूंट मैंने पी...'सुनाई देता है.
फ़िल्म में यह गीत 'नाचो गाओ' शब्दों से शुरू होता है.
फ़िल्म में यह गीत 2 महिला स्वरों (?)में - बुरा न मानो सनम... शब्दों से शुरू होता है.
फ़िल्म में यह गीत अपेक्षाकृत लंबा है जिसके शुरू एवं बीच में मु रफ़ी का आलाप भी सुनाई देता है.
फ़िल्म में यह गीत अभिनेता प्रदीप कुमार पर कार में फ़िल्माया गया है जिसके साथ मधुबाला भी दिखाई देती है.
फ़िल्म में यह गीत एक युगल गीत (सह-गायक : मन्ना डे) के रूप में फ़िल्माया गया था.
फ़िल्म में यह गीत एक युगल गीत (सह-गायक : महेंद्र कपूर) के रूप में फ़िल्माया गया था.
फ़िल्म में यह गीत कमल बारोट के स्वर में शामिल किया गया था एवं गीतों के एल पी रिकॉर्ड पर भी जारी किया गया था लेकिन फ़िल्म के ई पी रिकॉर्ड पर यह गीत आशा भोसले के स्वर में सुनाई देता है.
फ़िल्म में यह गीत नामावली के साथ मु रफ़ी एवं महेंद्र कपूर की आवाज़ों में सुनाई देता है.
फ़िल्म में यह गीत फ़िल्म में मु.रफ़ी-आशा भोसले के स्वरों में फ़िल्माया गया था जबकि रिकॉर्ड पर यह गीत मु रफ़ी के स्वर में दिया है.
फ़िल्म में यह गीत मनहर और साथियों की आवाज़ मे फ़िल्माया गया है
फ़िल्म में यह गीत महेंद्र कपूर की आवाज़ में शामिल किया गया था.
फ़िल्म में यह गीत मु रफ़ी के स्वर में शामिल किया गया था.
फ़िल्म में यह गीत युगल गीत के रूप में महेंद्र कपूर-आशा भोसले के स्वरों में शामिल किया गया था.
फ़िल्म में यह गीत यूं शुरू होता है-ऐह बार-बार तोहे क्या समझाए मेरी पायल की झंकार...
फ़िल्म में यह गीत यूं सुनाई देता है - नंगे बाजू नंगी टांगें... जबकि ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर ये शब्द सुनाई देते हैं - नंगे बाजू नंगी रानें...
फ़िल्म में यह गीत लता मंगेशकर, मनहर एवं साथियों के स्वर में फ़िल्माया गया था.
फ़िल्म में यह गीत लता मंगेशकर, सुलक्षणा पंडित, मीना पतकी एवं ईला देसाई के स्वरों में शामिल किया गया था.
फ़िल्म में यह गीत हर्ष (तेज़ गति में) एवं शोक (धीमी गति में-124 सेकेंड) रूप में अलग-अलग फ़िल्माया गया था.
फ़िल्म में यह गीत हेमंत कुमार के स्वर में भी शामिल किया गया था.
फ़िल्म में यही गीत गीतादत्त के स्वर में भी कई बार फ़िल्माया गया था.
फ़िल्म में शामिल किए गए इस गीत के प्रारंभ में एक शे'र भी सुनाई देता है लेकिन यह शे'र ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर शामिल नहीं किया गया था.
फ़िल्म में सम्मिलित इस क़व्वाली की कुल अवधि 7 मिनट 5 सेकेंड है जिसे शशिकपूर, आग़ा, एक क़व्वाल एवं साथियों पर फ़िल्माया गया था.
फ़िल्म में हर्ष एवं शोक गीत के रूप में इस गीत को 2 बार शामिल किया गया था.
बच्चे जैसी तोतली ज़बान में मु रफ़ी की आवाज़ में यह गीत महमूद पर फ़िल्माया गया था.
बहु-भाषी लंबा गीत जिसमें भारत के शहरों - कलकत्ता, मद्रास, बंबई - के अतिरिक्त फ़िल्मी हस्तियों - लता मंगेशकर, मीना, आशा भोसले, तलत महमूद, सत्यजीत, हृषिकेश, राजकुमारी, पद्मिनी, नरगिस, दिलीप कुमार, रागिनी, जेमिनी गणेशन, वैजयंतीमाला, आदि - के नाम सुनाई देते हैं.
बिना वाद्य यंत्रों के लता मंगेशकर के स्वर में रिकॉर्ड किए गए अपेक्षाकृत इस छोटे गीत (अवधि : 97 सेकेंड) को फ़िल्म में शामिल किया गया था.
बिना वाद्ययंत्रों के यह गीत पद्य रूप में मु रफ़ी के स्वर में (137 सेकेंड) भारत भूषण पर फ़िल्माया गया था.
मनहर उधास का गाया प्रथम हिंदी फ़िल्म गीत
महीदा रहमान पर फ़िल्मांकित गीत
मात्र 24 सेकेंड अवधि वाला यह छोटा गीत है.
मीना कुमारी पर फ़िल्मांकित गीत
मीना कुमारी पर फ़िल्मांकित गीत
मीनू मुमताज़ पर फ़िल्मांकित गीत
मूल रूप से फ़िल्म 'शिव कन्या' (1954) में आशा भोसले एवं साथियों में सम्मिलित इस गीत को उपर्युक्त फ़िल्म में भी शामिल किए जाने हेतु फ़िल्म की प्रचार पुस्तिका में शामिल तो कर लिया गया था लेकिन उपर्युक्त फ़िल्म में देखने पर यह गीत दिखाई नहीं देता है.
यद्यपि 'तेरे द्वार खड़ा भगवान' फ़िल्म 30 दिसंबर 1964 को सेंसर बोर्ड द्वारा पारित हुई लेकिन गीत का ग्रामोफ़ोन ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड फरवरी 1965 में जारी किया गया था.
यद्यपि 'तेरे द्वार खड़ा भगवान' फ़िल्म 30 दिसंबर 1964 को सेंसर बोर्ड द्वारा पारित हुई लेकिन गीत का ग्रामोफ़ोन ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड फरवरी 1965 में जारी किया गया था.
यद्यपि 'तेरे द्वार खड़ा भगवान' फ़िल्म 30 दिसंबर 1964 को सेंसर बोर्ड द्वारा पारित हुई लेकिन गीत का ग्रामोफ़ोन ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड फरवरी 1965 में जारी किया गया था.
यह अतिरिक्त गीत फ़िल्म में नामावली के साथ पृष्ठभूमि में सुनाई देता है.
यह अपेक्षाकृत छोटा (अवधि : 71 सेकेंड) गीत है)
यह अपेक्षाकृत छोटा गीत (अवधि : 104 सेकेंड) है
यह अपेक्षाकृत छोटा गीत (अवधि : 119 सेकेंड) है जिसे हेमंत कुमार ने, बिना वाद्य यंत्रों के, पद्यात्मक रुप में गाया है.
यह अपेक्षाकृत छोटा गीत (अवधि : 63 सेकेंड) है.
यह अपेक्षाकृत छोटा गीत (अवधि : 98 सेकेंड) है जिसे पृष्ठभूमि में एक रेलगाड़ी में फ़िल्माया गया है.
यह अपेक्षाकृत छोटा गीत है, अवधि 1 मिनट 48 सेकेंड
यह कथानक गीत फ़िल्म की नामावली के साथ पृष्ठभूमि में सुनाई देता है.
यह क़व्वाली जैसी धुन वाला गीत है.
यह गीत (अवधि : 2 मिनट 22 सेकेंड) स्वयं संगीतकार रवि ने गाया था जिसे फ़िल्म में नामावली के साथ ही पृष्ठभूमि में फ़िल्माया गया था.
यह गीत (अवधि : 3 मिनट 48 सेकेंड) फ़िल्म में जॉनी वाकर-सबिता चटर्जी पर फ़िल्माया गया था लेकिन ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर जारी नहीं किया गया था.
यह गीत (कुल 3 अंतरे) फ़िल्म में नामावली के पूर्व एवं बाद में भी फ़िल्माया गया है जबकि रिकॉर्ड पर केवल 2 अंतरे (पहला एवं तीसरा) दिए गए हैं.
यह गीत 2 भागों - हर्ष एवं शोक - में है.
यह गीत 2 भागों में फ़िल्माया गया था.
यह गीत पद्य रुप में मुबारक बेगम के स्वर में शामिल किया गया था.
यह गीत पहले जारी फ़िल्म ब्लैक टाइगर (1960) में भी गीतादत्त-महेंद्र कपूर के स्वरों में शामिल था लेकिन कुछ शब्दों के परिवर्तन के साथ पुनः फ़िल्म क़ातिल में शामिल कर लिया गया है.
यह गीत पूर्व में जारी फ़िल्म 'मैजिक कारपेट' (1964) में भी शामिल था.
यह गीत पूर्व में निर्मित फ़िल्म इंसपेक्टर (1956) में भी शामिल था.
यह गीत पूर्व में फ़िल्म 'पंचायत' (1958) में भी शामिल किया गया था.
यह गीत फ़िल्म की नामावली के साथ पृष्ठभूमि में सुनाई देता है.
यह गीत फ़िल्म की नामावली के साथ भी शामिल किया गया था.
यह गीत फ़िल्म के निर्माता-निर्देशक-अभिनेता जुगल किशोर पर तांगे पर बैठकर गाते हुए फ़िल्माया गया था. तांगे में उनके साथ बैठी हुई अभिनेत्री जयंथी भी दिखाई देती हैं.
यह गीत फ़िल्म के प्रारंभ में नामावली के साथ फ़िल्माया गया था.
यह गीत फ़िल्म में 2 भागों में फ़िल्माया गया था.
यह गीत फ़िल्म में 2 भागों में फ़िल्माया गया था.
यह गीत फ़िल्म में उषा खन्ना के स्वर में सुनाई देता है यद्यपि रिकॉर्ड पर लता मंगेशकर का नाम दिया गया है.
यह गीत फ़िल्म में गीत क्र.4 के बाद एक बार तथा गीत क्र.8 के बाद 2 बार पुनः फ़िल्माया गया था.
यह गीत फ़िल्म में नामावली के साथ पृष्ठभूमि में फ़िल्माया गया था.
यह गीत फ़िल्म में नामावली के साथ पृष्ठभूमि में फ़िल्माया गया था.
यह गीत फ़िल्म में शामिल था लेकिन इसे ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर जारी नहीं किया गया था.
यह गीत सहगान के रूप में भी शामिल किया गया था.
यह पूरा गीत फ़िल्म में 2 बार शामिल किया गया है.
यह युगल गीत फ़िल्म के लिए पहले तलत महमूद (मनोज कुमार के लिए) एवं मु रफ़ी के स्वरों में रिकॉर्ड किया गया था एवं ग्रामोफ़ोन रिकॉर्डों (SP, LP एवं 78 rpm रिकॉर्ड नं. - 74633) पर जारी भी कर दिया गया था लेकिन बाद में यह गीत महेंद्र कपूर (मनोज कुमार के लिए) एवं मु रफ़ी के स्वरों में रिकॉर्ड कर फ़िल्म में शामिल किया गया था एवं 78 rpm रिकॉर्ड नं. 74634 पर भी जारी कर दिया गया.
यह लंबा गीत 7 भागों में फ़िल्म की नामावली के साथ फ़िल्माया गया था.
यह लोरी कामिनी कौशल पर फ़िल्माई गई थी.
यह शीर्षक गीत फ़िल्म की नामावली के बीच-बीच में शम्मी कपूर पर फ़िल्माया गया है.)
यह शीर्षक गीत फ़िल्म की नामावली के साथ पृष्ठभूमि में फ़िल्माया गया है.
यह शीर्षक गीत फ़िल्म की नामावली के साथ पृष्ठभूमि में सुनाई देता है.
यही गीत (शास्त्रीय गायन - अवधि लगभग 130 सेकेंड) फ़िल्म में महिला-एस डी बातिश-मन्ना डे के स्वरों में भी फ़िल्माया गया था.
यही गीत बाद में फ़िल्म 'टारजन और जादुई चिराग़' (1966) में भी शामिल किया गया था.
रंगीन फ़िल्मांकन
रंगीन फ़िल्मांकन
रंगीन फ़िल्मांकन
रिकॉर्ड नं. पर गायक का नाम मु.रफ़ी दिया है जबकि गीत सुनने पर सह-गायिका के रूप में उषा खन्ना का स्वर भी सुनाई देता है.
रिकॉर्ड पर इस गीत के 3 अंतरे दिए गए हैं जबकि फ़िल्म में इस गीत के 2 अंतरे (प्रथम एवं तीसरा) ही सुनाई देते हैं.
रिकॉर्ड पर दिए गए इस गीत के प्रारंभिक बोल फ़िल्म में शामिल नहीं किए गए थे.
लगभग साढ़े चार मिनट का यह लंबा कथानक गीत फ़िल्म शामिल किया गया था.
लता मंगेशकर से 2 अलग-अलग ढंग से (2 Versions) यह गीत गवाकर फ़िल्म में शामिल किया गया था.
वहीदा रहमान पर फ़िल्मांकित गीत
विमला कुमारी पर फ़िल्मांकित गीत
वीडियो कैसेट पर फ़िल्म देखने के दौरान कोई भी गीत नहीं मिला लेकिन इस गीत की कुछ पंक्तियां फ़िल्म के अंत में पुनः शामिल की गई हैं.
शीर्षक गीत के रूप में फ़िल्मांकित यह गीत (कुल अवधि 108 सेकेंड) फ़िल्म की नामावली के साथ सुनाई देता है लेकिन इसे ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर नहीं जारी किया गया था.
शीर्षक गीत जिसे नामावली के साथ पृष्ठभूमि में फ़िल्मांकित किया गया है.
श्रीमद्भभगद्गीता के चौथे अध्याय का आठवां श्लोक
संगीतकार ओ पी नय्यर के अनुसार फ़िल्म 'दो दिलों की दास्तान' हेतु तैयार किए गए इस गीत को बाद में न तो फ़िल्म में शामिल किया गया और न ही इसे किसी ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर जारी किया गया था.
संगीतकार कल्याणजी के अनुसार इस गीत में 3 बंदरों जैसी आवाज़ें सी. आनंदकुमार, पीटर एवं साथियों की थीं.
संगीतकार लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के संगीत निर्देशन में मु रफ़ी का गाया यह पहला गीत है.
संगीतकार वी बल्सारा के अनुसार आरती मुखर्जी का गाया यह प्रथम हिंदी फ़िल्म गीत है.
संगीतकार वी बल्सारा के अनुसार आरती मुखर्जी का गाया यह प्रथम हिंदी फ़िल्म गीत है.
संगीतकार सी अर्जुन के अनुसार इस गीत को ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर जारी नहीं किया गया था.
संगीतकार सी अर्जुन के अनुसार इस गीत को ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर जारी नहीं किया गया था.
संगीतकार-गायक जी एम दुर्रानी के अनुसार यह क़व्वाली है
संगीतकार-गायक जी एम दुर्रानी के अनुसार यह क़व्वाली है
सह-गायिका आरती मुखर्जी वो गायिका नहीं जिन्होंने हिंदी फ़िल्मों में बहुत से गीत गाकर ख्याति प्राप्त की थी.
सह-गायिका आरती मुखर्जी वो गायिका नहीं जिन्होंने हिंदी फ़िल्मों में बहुत से गीत गाकर ख्याति प्राप्त की थी.
सुमन कल्याणपुर के स्वर में केवल गुनगुनाहट सुनाई देती है.
सुमन कल्याणपुर के स्वर में केवल गुनगुनाहट सुनाई देती है.
सुरैया की आवाज़ में सम्मिलित यह गीत दो अभिनेत्रियों - सुरैया एवं निम्मी - पर फ़िल्माया गया था.
सुरैया की आवाज़ में सम्मिलित यह गीत दो अभिनेत्रियों - सुरैया एवं निम्मी - पर फ़िल्माया गया था.
स्व.शैलेंद्र की कानपुर निवासी बेटी गोपा चंद्रा के अनुसार यह गीत वास्तव में शैलेंद्र जी ने ही लिखा था जिसका मुखड़ा मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखा था लेकिन रिकॉर्ड पर नाम हसरत जयपुरी का दिया गया था. फ़िल्म में मुकेश के स्वर में फ़िल्मांकित इस गीत की समाप्ति पर कुछ सम्वादों (राजकपूर-वहीदा रहमान) के बाद सुमन कल्याणपुर के स्वर में इसी गीत का अंतिम अंतरा - प्रीत बना के तूने... (लगभग 70 सेकेंड) वहीदा रहमान पर फ़िल्माया गया था.
स्व.शैलेंद्र की कानपुर निवासी बेटी गोपा चंद्रा के अनुसार यह गीत वास्तव में शैलेंद्र जी ने ही लिखा था जिसका मुखड़ा मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखा था लेकिन रिकॉर्ड पर नाम हसरत जयपुरी का दिया गया था. फ़िल्म में मुकेश के स्वर में फ़िल्मांकित इस गीत की समाप्ति पर कुछ सम्वादों (राजकपूर-वहीदा रहमान) के बाद सुमन कल्याणपुर के स्वर में इसी गीत का अंतिम अंतरा - प्रीत बना के तूने... (लगभग 70 सेकेंड) वहीदा रहमान पर फ़िल्माया गया था.
हर्ष एवं शोक गीत के रूप में इस गीत को फ़िल्म में 2 बार शामिल किया गया था.
हर्ष एवं शोक गीत के रूप में इस गीत को फ़िल्म में 2 बार शामिल किया गया था.
हिंदी, बांग्ला, मराठी, मारवाड़ी, गुजराती, पंजाबी एवं तमिल में रचित गीत
हिंदी, बांग्ला, मराठी, मारवाड़ी, गुजराती, पंजाबी एवं तमिल में रचित गीत
हेमंत कुमार के स्वर में फ़िल्म में सम्मिलित यह अपेक्षाकृत छोटा गीत (अवधि : 74 सेकेंड) है.
हेमंत कुमार के स्वर में फ़िल्म में सम्मिलित यह अपेक्षाकृत छोटा गीत (अवधि : 74 सेकेंड) है.